कोरोना से लड़ने के लिए दो हीरो
कोरोना काल के चलते रहते इस दुनिया को बचाने आप पहुंचे उनको बचाने वाले हीरो पहला हीरो डॉक्टर दूसरा हीरो पुलिस और तीसरा हीरो नरेंद्र मोदी यह तीनों हीरो हमारे जिंदगी का एक मुकाम यथामैं व्यस्त रहते थे वह नहीं चाहते थे कि दुनिया पर इसी तरह कोरोना राज करता रहे इस कोरोना महामारी से बचाने के लिए डॉक्टर हर कोशिश किया करते थे और पुलिस की तो बात अलग है लोगों को बाहर न जाने के लिए कहते थे उनको गाइडलाइन का पालन करवाते थे मार्क्स लगाने पर पाबंदी या करवाते थे मार्क्स लगाना ना लगाने पर उनका चालान काटा जाता था इसलिए लोग कुछ तो कोरोना से डरकर कुचला चटक बाहर नहीं आते थे पुलिस दिन रात अपना पहरा देती रहती थी पुलिस कम से कम 1 मिनट के लिए भी जरूरत नहीं होती थी एक घंटा या दो घंटा ज्यादातर उन्हें नींद लेने का अवसर मिलता था इस मकान में जिस्म का नियत पर हमारी रक्षा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी हाथ है उन्होंने हर उस मुकाम पर हमारा साथ दिया जहां पर हम हारने वाले हमारी आवश्यक जरूरी सामग्री गेहूं को बढ़ाकर ज्यादा कर दिया और दाल बांटने का वितरण कर दिया और अन्य कुछ चीजें भी दिए इसी को देखते हुए हमारे भारत के दौरान कर्तव्य बहुत प्रभावित हुए और गरीबों को दान करना प्रारंभ कर दिया उन्होंने भी सोचा कि लोगों को बचाया जाए पैसों का क्या करेंगे जिंदगी या नहीं बचेगी तो इस मुकाम मियां से लड़ते जा रहे थे कौन आकार लगभग सारी दुनिया पर राज कर रहा था इससे लड़ने के लिए मांस सबसे पहले जरूरी था हमारे भारत में लगभग सारी जगह पर कोरोना बिखर चुका था लोगों में भय व्याप्त था यह तो एक डॉक्टर और पॉलिसी थे जो इस मुश्किल घड़ी से हमें निकाल रहे थे जिंदगी में मारा गया था कौन से सारे धंधे पड़ गए थे लोगों की आजीविका चने की कोई उम्मीद रह गई थी लोग कुछ लोग ऐसे भी थे जो कि कालाबाजारी और जब हद पार कर गए कोरोनावायरस से बचने के लिए दी जाती है कालाबाजारी खेलते रहते थे कि आप लोगों की जिंदगी कालाबाजारी लोगों में शामिल थे लेकिन कुछ ही थे और सब पूजनीय माने जाते थे पूजनीय थैंक यू धन्यवाद
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