कोरोना काल में लोगों की एकजुटता
कोरोना की काल में लोगों में दूरियां बढ़ती गई जमीन आसमान का फर्क रह गया था जब यह कौन अकाल चल रहा था लोगों की जानें तो ऐसे जा रही थी जैसे मोती से मिट्टी विशाल रही जिंदगी का कोई मोल नहीं रह गया था ऐसा लग रहा था कि धरती का अंत आ गया है फिर भी लोगों ने इस परिस्थिति का सारा सामना किया एकजुट होकर यह भावना दिखाई कि वह इसको नकार को मार बताएंगे इस एकजुटता के कारण ही करना को कम कर रहे थे लोगों की इस एकजुटता से सब कुछ प्रभावित हो रहा था लोगों को ऐसा लगने लगा कि एकजुट नहीं रहने पर हमारी जाने जा सकती है कुछ तो खूब से कुछ अलग कामों से कुछ लोक सेवा से कुछ सेवा से बहुत सारे कारण लोग आपस में जुड़े रहे चाहे वह मिले नहीं लेकिन फोन पर बात करते आपस आपस में दुख सुख की बातें करते दुख बांट दें यह दुनिया इशारे चल रही थी सारे सारे साथ के साथ थैंक यू
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें